
रजौली (नवादा) प्रखंड मुख्यालय स्थित अनुमंडलीय अस्पताल रजौली में शनिवार को आशा कार्यकर्ता संघ के आह्वान पर अनिश्चित कालीन हड़ताल पर चौथे दिन जारी रहा।जिससे ओपीडी, सप्ताह, टीकाकरण, प्रसव व गर्भवती और अस्पताल में दिखाने आये मरीज को भी काफी जांच प्रभावित हो गई है। आशा ने अनुमंडलीय अस्पताल के प्रांगण में बैठ कर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और स्वास्थ्य मंत्री तेजस्वी मुर्दाबाद के जमकर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने कहा कि आशा को आशा देकर निराश किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक हजार पर सातों दिन 24 घंटे काम कराया जाता है। कई राष्ट्रीय कार्यक्रम में काम करा कर मानदेय नही दिया गया। आगे बताया कि हमें सरकार सरकारी कर्मी घोषित करें। साथ ही 10 हजार रुपया मानदेय दें। ताकि हम अपने परिवार का भरण पोषण कर सकें। उन्होंने कहा कि हमारी नौ सूत्री मांग जब तक सरकार नहीं मानती है। हम काम पर नहीं लौटेंगे। आशा फेसिलिटेटर मनोरमा देवी,उर्मिला देवी, ने बताया कि कोरोना के समय हमलोगों से काम कराया गया। जिस समय लोग घरो से निकलने में डरते थे। हम अपनी जान जोखिम में डालकर घर घर सर्वे का कार्य किया। ताकि सरकार की योजनाओं को पूरा करने के साथ लोगो को बचाया जा सके। आशा कार्यकर्ताओं की सजगता के कारण जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र में काफी अंतर आया। जिस पर सरकार अपना पीठ थप-थपाने में लगी है। वही जो दिन रात धूप, बरसात व कड़कड़ाती ठंड में मेहनत किया। उसे उचित मजदूरी तक नहीं दिया जा रहा है। इस दौरान मुनि देवी,लता सिन्हा,सावित्री गुप्ता,पुष्पा गुप्ता ,हेना खातून, अनुपमा कुमारी,बबिता कुमारी के साथ कई आशा कार्यकर्ताओ उपस्थित थी।